MP Board Model answer 2026 10th S.Sci. Set - D

  सामाजिक विज्ञान

   मॉडल आंसर 

माध्यमिक शिक्षा मंडल , मध्यप्रदेश 

द्वारा 02 मार्च 2026 को आयोजित सामाजिक विज्ञान

के प्रश्न पत्र सेट - D के अनुसार

 

बोर्ड परीक्षा 2026

कक्षा-10वी

विषय : सामाजिक विज्ञान (Set-D)

समय 03:00 घण्टे                                                                           पूर्णाक : 75

निर्देश :

1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

2. प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। जिनके लिए 1 x 30 = 30 अंक निर्धारित हैं।

3. प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक प्रत्येक में आंतरिक विकल्प दिये गये हैं।

4. प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द सीमा अधिकतम 30 शब्द है।

5. प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द सीमा अधिकतम 75 शब्द है।

6. प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। उत्तर लिखने की शब्द सीमा अधिकतम 120 शब्द है।

7. प्रश्न क्रमांक 23 मानचित्र आधारित प्रश्न है।

प्रादर्श उत्तर

 

प्रश्न.1 रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए                                                                          (1x6=6)

(i) भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल  ..............3,287,263...............वर्ग किलोमीटर है।

( 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर भी लिखा जा सकता है)

(ii) कांडला पत्तन को  ...................दीनदयाल उपाध्याय पत्तन  ......................... के नाम से भी जाना जाता है।

(iii) निर्धन परिवारों की ऋण की अधिकांश जरूरतें  ................अनौपचारिक.................. स्रोतों से पूरी होती हैं।

(iv) स्मिथफील्ड में लन्दन का सबसे पुराना  ................पशु............................ बाज़ार है था।

( अन्य उत्तर – मवेशी, ढोर, जानवर, जबकि स्मिथफील्ड के नजदीक मांस व मुर्गी बाज़ार खोला गया था)

(v) नारी शक्ति वंदन अधिनियम  ....................1923 ............... में पारित किया गया।

(vi) विनोबा भावे द्वारा शुरू किये गए भू-दान ग्रामदान आन्दोलन को  ....................रक्तहीन  .......................... क्रांति का नाम भी दिया गया।

प्रश्न 2. सत्य/असत्य लिखिए -                                                                                 (1x6=6)

i.    औसत आय को राष्ट्रीय आय कहते हैं।

उत्तर – असत्य

ii.   इंग्लैंड के कपडा व्यवसायी स्टेपलर्स  से उन खरीदते थे और उसे सूत कातने वालों के पास पहुँचा देते थे ।

उत्तर – सत्य

iii.  ब्राजील के शहर रियो डी जिनेरो में प्रथम अन्तराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन हुआ था।

उत्तर – सत्य

 iv.  संवैधानिक प्रावधानों और कानूनों के क्रियान्वयन की देखरेख में न्यायपालिका महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उत्तर – सत्य

v.   ज्युसेपी मेत्सिनी फ़्रांस का एक क्रन्तिकारी था।

उत्तर – असत्य

vi.  बेल्जियम में दो फीसदी लोग जर्मन बोलते हैं।

उत्तर – असत्य

प्रश्न 3 सही जोड़ियां बनाइये-                                                                                   (1x6=6)

   सूची (अ)                                                       सूची (ब)

i. महानदी बेसिन                                                 अ. बंगलुरु

ii. ‘वन्दे मातरम                                                 ब. करेंसी

iii. श्रीलंका की राजधानी                                      स. हीराकुंड परियोजना

iv. देश की सरकार उसे प्राधिकृत करती है                  द. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय

v. इलेक्ट्रॉनिक राजधानी                                        इ. सन 1878

vi. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट                                        फ. कोलम्बो

उत्तर –

   सूची (अ)                                                      सूची (ब)

i. महानदी बेसिन                                                 स. हीराकुंड परियोजना

ii. ‘वन्दे मातरम                                                 द. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय

iii. श्रीलंका की राजधानी                                      फ. कोलम्बो

iv. देश की सरकार उसे प्राधिकृत करती है                  ब. करेंसी

v. इलेक्ट्रॉनिक राजधानी                                        अ. बंगलुरु

vi. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट                                        इ. सन 1878

प्रश्न. 4 एक शब्द में उत्तर लिखिये -                                                                           (1x6=6)

(i)                   सरकार का कौन सा स्वरूप बेहतर है?

उत्तर – लोकतान्त्रिक अथवा प्रजातान्त्रिक अथवा जनतांत्रिक अथवा गणतांत्रिक

(ii)                विश्व की सबसे लम्बी राजमार्ग सुरंग का नाम लिखिए ।

उत्तर – अटल सुरंग

(iii) प्रतिरक्षा और विदेशी मामले कौन सी सूची में शामिल होते हैं?

उत्तर – केन्द्रीय सूची अथवा केंद्र सूची अथवा संघ सूची।

(iv) 1815 में वियना सम्मेलन की मेजबानी किसने की थी?

उत्तर – ऑस्ट्रिया ( इस समय ऑस्ट्रिया – हंगरी का सम्राट फ्रांसिस प्रथम था जिसका चांसलर था ड्यूक मेटरनिख)

(v) सन 1857 की क्रांति में मध्यप्रदेश का प्रमुख केंद्र क्या था?

उत्तर – गढ़ा मंडला (जबलपुर) ।

(vi) मानव विकास सूचकांक कौन सी संस्था जारी करती है?

उत्तर – संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम अथवा यू एन डी पी  ।

प्रश्न. 5  सही विकल्प चुन कर लिखिए  -                                                                   (1x6=6)

(i) खाज्या नायक प्रतिदिन सूर्य पूजा करने कहाँ जाया करते थे?

(अ) मंदिर में                              (ब) पीपल के पेड़ के पास     

(स) घर की छत पर                      (द) नदी के किनारे

उत्तर - (द) नदी के किनारे

(ii) जापान की सबसे पुराणी 868 ई. में छपी पुस्तक है -

(अ) त्रिपितटिका कोरियाना             (ब) डायमंड सूत्र   

(स) उकियो                                (द) सुबह का नज़ारा

उत्तर - (ब) डायमंड सूत्र

(iii) भारत का पहला राज्य है, जिसने राज्य भर के सभी घरों में छत पर वर्षा जल संचयन संरचना अनिवार्य कर दी है-

(अ) राजस्थान                           (ब) मेघालय                   

(स) तमिलनाडु                          (द) हिमाचल प्रदेश

उत्तर - (स) तमिलनाडु

(iv) निम्नलिखित में से एक प्रक्रिया प्राथमिक क्षेत्रक की है   -

(अ) मछली पकड़ना                     (ब) विनिर्माण

(स) मिटटी से ईंट बनाना                (द) गुड़ बनाना

उत्तर - (अ) मछली पकड़ना

(v) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किया गया निवेश कहलाता है  -

(अ) विदेशी निवेश                      (ब) पोर्टफोलियो निवेश            

(स) म्यूच्यूअल निवेश                   (द) अन्तःसरकारी निवेश

उत्तर - (अ) विदेशी निवेश

(vi) लैंगिक विभाजन का अभिप्राय होता है  -

(अ) स्त्री-पुरुष के बीच जैविक अंतर

(ब) समाज द्वारा स्त्री और पुरुषों को दी गयी असमान भूमिकाएं                      

(स) बालक और बालिकाओं की संख्या का असमान अनुपात                              

(द) लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं में महिलाओं को मतदान का अधिकार न मिलना

उत्तर - (ब) समाज द्वारा स्त्री और पुरुषों को दी गयी असमान भूमिकाएं

प्र.6- ‘’बाघ परियोजना’ (प्रोजेक्ट टाइगर) क्या है ?                                                                   2

उत्तर- प्रोजेक्ट टाइगर विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओ में से एक है इसकी शुरुआत सन 1973 में हुई इसका उद्देश्य मात्र बाघ संकटग्रस्त प्रजाति का संरक्षण नहीं है अपितु इसका उद्देश्य बहुत बड़े आकार के जैव जाति को बचाना भी है

अथवा

जैव विविधता क्या है?

किसी प्राकृतिक प्रदेश में पायी जाने वाली जंगली तथा पालतू जीव-जंतुओं एवं पादपों की प्रजातियों की बहुलता को जैव विविधता कहते हैं।

अन्य उत्तर - पृथ्वी पर एक साथ विविध जीवों का रहना जैसे सूक्ष्म जीवाणु और बैक्टीरियाजोंक से लेकर वटबृक्षहाथी और ब्लू व्हेलमनुष्य बंदरआदि तथा अन्य करोड़ों जीवको जैव विविधता कहा जाता है।

प्र.7- ऋण की शर्तें किसे कहा जाता है?                                                                                   2

उत्तर- ऋण की शर्तें निम्नलिखित को कहा जाता है  –

·      ऋण की राशी का निर्धारण

.      ब्याज की दर

·      ऋण लौटानी के समयावधि

.      समर्थक ऋणाधार

·      भुगतान के तरीके

·      आवश्यक कागजात

·      विभिन्न ऋण व्यवस्थाओं में ऋण की शर्ते अलग-अलग है।

अथवा

मुद्रा क्या है?

उत्तर – मुद्रा विनिमय का एक माध्यम है

प्र.8- पारिस्थितिकी तंत्र किसे कहते हैं ?                                                                              2

उत्तर - यह वह तंत्र है जिसमें समस्त जीवधारी आपस में एक दूसरे के साथ तथा पर्यावरण के उन भौतिक एवं रासायनिक कारकों के साथ परस्पर क्रिया करते हैंजिसमें वे निवास करते हैं यह सभी ऊर्जा एवं पदार्थ के स्थानांतरण द्वारा संबंध होते हैं एक छोटा तालाब या कुआं से लेकर पूरा पृथ्वी पारितंत्र हो सकता है।

                                                           अथवा

भारतीय वन्यजीव (रक्षण) अधिनियम , 1972 के दो मुख्य प्रावधान लिखिए  ।

उत्तर- वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के मुख्य प्रावधान :-

o  यह अधिनियम जंगली जानवरोंपक्षियों और पौधों को संरक्षण प्रदान करता है।

o  इस अधिनियम के तहत दुर्लभ तथा संकटग्रस्त प्रजातियों का शिकार करना प्रतिबंध है।

o  वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए समिति का गठन करना है।

o  संपूर्ण भारत में संरक्षित जातियों की सूची भी प्रकाशित करना।

o  पशु-पक्षियोंजीवों तथा पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने पर 3 से 10 साल तक की सजा का भी करना ।

o  इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना 10 हजार से 25 लाख हो सकता है।

o  कानूनी प्रावधान को 6 अनुसूचियों में वर्णित किया गया है।

o  वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम-1972 को संसद में पारित होने के बाद देशभर में अभ्यारण और राष्ट्रीय उद्यानों के माध्यम से कई भागों में संकटग्रस्त जीव के संरक्षण के लिए कई परियोजनाओं की शुरुआत की।

प्र.9- विदेशी व्यापर क्या है ?                                                                                            2

उत्तर- विदेशी व्यापार: दो या दो से अधिक देशों में वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान विदेशी व्यापार कहलाता है। विदेश व्यापार देशों के बाजारों को जोड़ने में सहायक होता है तथा यह उत्पादकों को घरेलू बाजारों के बाहर पहुँचने का अवसर प्रदान करता है।

अथवा

बहुराष्ट्रीय कंपनियों से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- वह कंपनी जो एक से अधिक राष्ट्रों में बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं और उत्पादित वस्तुओं को अनेक राष्ट्रों में बेचती है। उस कंपनी को बहुराष्ट्रीय कंपनी कहते हैं।

प्र.10- जायद फसल क्या है ? दो जायद फसलों के नाम लिखिए ।                                                   2

उत्तर- जायद फसलें वे फसलें हैं जो रबी (सर्दियों) और खरीफ (मानसून) के मौसम के बीच, यानी मुख्यतः मार्च से जून के दौरान ग्रीष्म ऋतु में उगाई जाती हैं। ये कम समय में तैयार होने वाली, तेज गर्मी और शुष्क हवाओं को सहन करने वाली फसलें हैं, जिन्हें सिंचाई की आवश्यकता होती है।

दो जायद फसलों के नाम – तरबूज, खरबूज, ककड़ी, मूंग, उड़द, सूरजमुखी, करेला आदि

अथवा

प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि क्या है ?

उत्तर- जिस प्रकार की खेती से केवल इतनी उपज होती हो कि उससे परिवार का पेट भर सके तो उसे प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि कहते हैं।

प्र.11- ‘कॉर्न लॉ क्या था?                                                    2

उत्तर- ब्रिटेन में बड़े भू-स्वामियों के दबाव में आकर वहाँ की सरकार ने मक्का के आयात पर पाबन्दी लगा दी। जिन कानूनों के आधार पर यह पाबन्दी लगायी गयी थी. उन्हें ही ’कॉर्न-लॉ’ कहा जाता था।

अथवा

‘वीटो का क्या अर्थ है?

उत्तर- वीटो का अर्थ होता है निषेधाधिकार , इस अधिकार के सहारे एक ही सदस्य की असहमति किसी भी प्रस्ताव को ख़ारिज करने का आधार बन जाती है

 प्र.12- भारत में कृषि पर आधारित किन्ही चार उद्योगों के नाम लिखिए ।                                           2

उत्तर-

1.       वस्त्र उद्योग

2.       चीनी उद्योग

3.       पटसन उद्योग

4.       उन उद्योग

5.       चाय उद्योग

6.       कॉफ़ी उद्योग

7.       वनस्पति तेल उद्योग

8.       रबर उद्योग

अथवा

विनिर्माण क्या है?

उत्तर- कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में बदलकर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण या वस्तु निर्माण कहा जाता है। जैसेः कपास से सूत या कपड़ालुगदी से कागजगन्ना से चीनीगेहूं से आटाआटा से रोटी या बिस्कुटलौह अयस्क से लोहा-इस्पातखनिज तेल से रासायनिक पदार्थ तथा बॉक्साइट से एल्युमिनियम बनाने की प्रक्रिया को विनिर्माण उद्योग कहा जाता है।

प्र.13- संघीय शासन व्यवस्था की दो विशेषताएं लिखिए ।                                                        2

उत्तर - संघीय शासन व्यवस्था की विशेषताएं :-

1. यहां सरकार दो या दो से अधिक स्तरों वाली रहती है।

2. अलग अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं किन्तु उनके अधिकार और कर्त्तव्य अलग अलग होते हैं।

3. विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकार संविधान द्वारा तय होते हैं।

4. संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों और कानूनों में बदलाव कोई भी एक स्तर की सरकार अकेले नहीं कर सकती।

5. न्यायालय को संविधान और विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार है।

6. अलग अलग स्तर की सरकारों की वित्तीय स्वायत्तता सुनिश्चित करने राजस्व के अलग अलग स्रोत निर्धारित किए गए हैं।

7. संघीय शासन व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विविधताओं के सम्मान के साथ देश की एकता और अखंडता को बढ़ावा देना है।

अथवा

 गठबंधन सरकार से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर कम से कम दो या दो से अधिक राजनीतिक दलों के एक साथ आने से बनी सरकार को गठबंधन सरकार कहते हैं। आमतौर पर गठबंधन में भागीदार राजनीतिक दल एक राजनीतिक गठबंधन बनाते हैं और एक कामन मिनिमम प्रोग्राम को अपनाते हैं।

प्र.14- पंचांग से क्या आशय है?                                                                                        2

उत्तर चाँदसूरज की गतिज्वार भाटा के समय और लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी कई अहम जानकारियां देता वार्षिक प्रकाशन पंचांग कहलाता है।

अथवा

गाथागीत से क्या आशय है?

उत्तर – गाथा-गीत : लोकगीत का ऐतिहासिक आख्यान, जिसे गाया या सुनाया जाता है। ये गीत भारतीय जनमानस के वीरों से सहज लगाव के कारण गाये जाने वाले गीत हैं। ये लोक कथाओं के वीर नायकों की स्मृति में ओज, जोश, और आक्रमक भावभंगिमा से गाये जाने वाले गीत हैं। कथा के अनुसार इनमें करुण, वात्सल्य और श्रृंगार रस का भी समावेश होता है, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता है। इन गाथा गीतों के कुछ शीर्षक भी हैं, जो अधिकांश गाथा के नायक के नाम से संबंधित होते हैं |

प्र.15- ‘सूचना का अधिकार क्या है?                                                                                 2

उत्तर – सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारत सरकार द्वारा लागू एक महत्वपूर्ण कानून है, जो नागरिकों को सरकारी कार्यों, दस्तावेजों और फैसलों की जानकारी मांगने का कानूनी अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिताजवाबदेही लाना और भ्रष्टाचार को कम करना है। इसके तहत कोई भी भारतीय नागरिक सरकारी विभागों से 30 दिनों के भीतर सूचना प्राप्त कर सकता है।

अथवा

  उपभोक्ता शोषण के कोई दो प्रकार लिखिए ।

उत्तर - बाज़ार में लोगों का शोषण कई तरीकों से हो सकता है, जैसे कि अतिरिक्त कीमत वसूलना, कम मात्रा में सामान देना, घटिया सामान बेचना, मिलावट करना, भ्रामक विज्ञापन करना, और ज़रूरी जानकारी छुपाना 

यहाँ कुछ और तरीके दिए गए हैं जिनसे लोगों का शोषण हो सकता है:

1.       माप-तौल में कमी:

व्यापारी अक्सर सामान को कम मात्रा में देते हैं या कम वजन करके बेचते हैं, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है 

2.       घटिया सामान बेचना:

कुछ व्यापारी जानबूझकर घटिया या खराब क्वालिटी का सामान बेचते हैं, जिससे उपभोक्ता को धोखा लगता है 

3.       मिलावट करना:

कुछ लोग खाने-पीने की चीजों में मिलावट करते हैं, जिससे लोगों की सेहत को नुकसान होता है 

4.       भ्रामक विज्ञापन:

कुछ कंपनियां झूठे या भ्रामक विज्ञापन करके लोगों को सामान खरीदने के लिए मजबूर करती हैं 

5.       ज़रूरी जानकारी छुपाना:

कुछ व्यापारी सामान के बारे में ज़रूरी जानकारी, जैसे कि कीमत, सामग्री, या इस्तेमाल का तरीका, छुपाते हैं 

6.       काला बाज़ार:

कुछ लोग ज़रूरी सामान को जमा करके बाद में ऊंचे दामों पर बेचते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है 

7.       अतिरिक्त शुल्क:

कुछ व्यापारी सामान की कीमत के अलावा अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जैसे कि डिलीवरी चार्ज या टैक्स 

8.       सेवा की शर्तों का पालन न करना:

कुछ व्यापारी सेवा की शर्तों का पालन नहीं करते हैं, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है 

9.       कानूनों का अभाव:

उपभोक्ता संरक्षण के लिए प्रभावी कानूनों की कमी भी शोषण का कारण बनती है 

10. सीमित प्रतियोगिता:

जब बाजार में सीमित संख्या में विक्रेता होते हैं, तो वे अपनी मनमानी कीमतों पर सामान बेच सकते हैं 

11. सीमित आपूर्ति:

जब किसी वस्तु की आपूर्ति उसकी मांग से कम होती है, तो कीमतें बढ़ सकती हैं और जमाखोरी की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है 

प्र.16- संसाधन क्या है?                                                                               2

उत्तर – हमारे पर्यावरण में उपलब्ध प्रत्येक वस्तु जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रयुक्त की जा सकती हैं और जिसको बनाने के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध है, जो आर्थिक रूप से संभाव्य और सांस्कृतिक रूप से मान्य है एक संसाधन है 

अथवा                     

 सतत पोषीय आर्थिक विकास का क्या अर्थ है?

उत्तर – सतत पोषणीय विकास : यह आर्थिक विकास की प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों तथा पर्यावरण में बिना किसी हानि के वर्तमान तथा भविष्य पीढ़ियो दोनों के जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना है। 

प्र.17- लोकतंत्र में नागरिकों की क्या भूमिका है? किन्ही दो बिन्दुओं में लिखिए।                             2

उत्तर – लोकतंत्र में नागरिक की भूमिका

1. चुनाव में मतदान - नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार और कर्तव्य है। मतदान यह सुनिश्चित करता है कि सरकार जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करे।

2. सार्वजनिक जीवन में भागीदारी - नागरिकों को नागरिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए, जैसे सामुदायिक बैठकों में शामिल होना, गैर-सरकारी संगठनों से जुड़ना और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना। यह भागीदारी नीतियों और शासन को प्रभावित करने में सहायक होती है।

3. कानूनों का पालन और अधिकारों का सम्मान - नागरिकों को देश के कानूनों का पालन करना चाहिए और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। इससे व्यवस्था बनी रहती है और सभी की स्वतंत्रता सुरक्षित रहती है।

4. सरकार को जवाबदेह ठहराना - नागरिक सरकार की कार्रवाइयों पर सवाल उठा सकते हैं और पारदर्शिता की मांग कर सकते हैं। यह मीडिया, विरोध प्रदर्शनों, याचिकाओं और सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से किया जा सकता है।

5. करों का भुगतान - करों का भुगतान देश के विकास के लिए आवश्यक है, क्योंकि इससे स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे जैसी सार्वजनिक सेवाओं का वित्तपोषण होता है।

6. राष्ट्रीय हितों की रक्षा - नागरिकों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए काम करना चाहिए और विभिन्न समूहों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।

7. सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना - समाज के सुधार के लिए गतिविधियों में भाग लेना, जरूरतमंदों की मदद करना और सामाजिक न्याय का समर्थन करना भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं।

लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका में मतदान करना, सक्रिय भागीदारी, कानूनों का पालन करना, सरकार को जवाबदेह ठहराना, करों का भुगतान करना, राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना शामिल है। ये कार्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करते हैं और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते हैं।

अथवा

लोकतंत्र में निर्णय लेने में देरी के कोई दो कारण लिखिए।

उत्तर – लोकतंत्र में निर्णय लेने की प्रक्रिया अक्सर धीमी होती है क्योंकि इसमें सहमति, पारदर्शिता और व्यापक विमर्श को महत्व दिया जाता है। तानाशाही के विपरीत, जहाँ एक व्यक्ति का आदेश अंतिम होता है, लोकतंत्र में शक्ति का विभाजन और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी देरी का मुख्य कारण बनती है। 

लोकतंत्र में निर्णय लेने में देरी के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

1. विचार-विमर्श और चर्चा - लोकतंत्र का मूल आधार ही चर्चा है। किसी भी कानून या नीति को लागू करने से पहले संसद, मंत्रिमण्डल और विभिन्न समितियों में लंबी बहस होती है। विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग विचारों के कारण आम सहमति बनाने में समय लगता है। 

2. जटिल निर्णय प्रक्रिया - एक लोकतांत्रिक सरकार को कई चरणों से गुजरना पड़ता है:

·        विधेयक का प्रारूप तैयार करना।

·        सदन के दोनों पलों (लोकसभा और राज्यसभा) से पारित होना।

·        राष्ट्रपति की मंजूरी लेना।
इस लंबी प्रक्रिया के कारण त्वरित निर्णय लेना कठिन हो जाता है।

3. जवाबदेही और पारदर्शिता - लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। गलत निर्णय लेने पर भविष्य में चुनाव हारने या न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप का डर होता है। इसलिए, सरकार हर कदम फूंक-फूंक कर रखती है और सभी तथ्यों की जांच-परख में समय व्यतीत होता है। 

4. विभिन्न हितों का टकराव - भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग समुदायों, जातियों और क्षेत्रों के हित अलग-अलग होते हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि किसी विशेष समूह का अहित न हो, जिससे विरोध प्रदर्शन और असंतोष से बचा जा सके। 

5. कानूनी और संवैधानिक बाधाएं - लोकतंत्र में 'शक्ति के पृथक्करण' का सिद्धांत लागू होता है। न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि कार्यपालिका का कोई भी निर्णय संविधान के विरुद्ध न हो। यदि कोई निर्णय विवादित होता है, तो उसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है। 

 प्र.18- रेल परिवहन की अपेक्षा सड़क परिवहन क्यों अधिक महत्वपूर्ण हैं? तीन बिन्दुओं में व्याख्या कीजिये।               2

उत्तर – क्योंकि -

1. सड़कों का निर्माण रेलवे लाइनों की तुलना में बहुत कम है।

2. सड़कें तुलनात्मक रूप से अधिक विच्छेदित और लहरदार स्थलाकृति को पार कर सकती हैं।

3. सड़कें ढलानों की ऊंची ढलानों पर चल सकती हैं और इस तरह हिमालय जैसे पहाड़ों को पार कर सकती हैं।

4. कम दूरी तक कम व्यक्तियों और अपेक्षाकृत कम मात्रा में माल के परिवहन में सड़क परिवहन किफायती है।

5. यह डोर टू डोर सेवा भी प्रदान करता हैइस प्रकार लोडिंग और अनलोडिंग की लागत बहुत कम है।

6. सड़क परिवहन का उपयोग परिवहन के अन्य साधनों के फीडर के रूप में भी किया जाता है जैसे कि वे रेलवे स्टेशनहवाई और समुद्री बंदरगाहों के बीच एक लिंक प्रदान करते हैं।

अथवा

स्वर्णिम चतुष्पथ महामार्ग क्या है? इसका प्रमुख उद्देश्य क्या है?

उत्तर – स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग भारत का एक प्रमुख राजमार्ग नेटवर्क है जो देश के चार प्रमुख महानगरों को जोड़ता है। यह राजमार्ग भारत के आर्थिक विकास और परिवहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्य बिंदु:

                ·        स्वर्णिम चतुर्भुज नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह चार महानगरों को जोड़ता है जो भारत के आर्थिक             और औद्योगिक केंद्र हैं।

            ·        यह चार महानगर हैं: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, और कोलकाता।

            ·        यह राजमार्ग लगभग 5,846 किलोमीटर लंबा है।

            ·        इसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत बनाया है।

          ·        इसका उद्देश्य भारत के प्रमुख शहरों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और माल व यातायात के         प्रवाह को तेज करना है।

 स्वर्णिम चतुर्भुज के मार्ग:

        ·        दिल्ली से मुंबई

        ·        मुंबई से चेन्नई

        ·        चेन्नई से कोलकाता

        ·        कोलकाता से दिल्ली

    इस प्रकार यह एक चतुर्भुज (चार भुजाओं वाला आकृति) बनाता है, इसलिए इसे स्वर्णिम चतुर्भुज कहा जाता है।

    उद्देश्य :

            ·        यह राजमार्ग भारत के व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देता है।

            ·        यातायात समय और लागत को कम करता है।

            ·        ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ाता है।

इस प्रकार, स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग भारत के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्र.19- प्रथम विश्वयुद्ध के समय भारत का औद्योगिक उत्पादन क्यों बढ़ा?                                      3

उत्तर – पहले विश्व युद्ध ने एक बिल्कुल नयी स्थिति उत्पन्न कर दी थी:

(i) ब्रिटिश कारखाने सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए युद्ध संबंधी उत्पादन में व्यस्त थे इसलिए भारत में मैनचेस्टर के माल का आयात कम हो गया। भारतीय बाज़ारों को रातोंरात एक विशाल देशी बाज़ार मिल गया।

(ii) युद्ध लंबा खींचा तो भारतीय कारखानों में भी फ़ौज के लिए जूट की बोरियाँफौजियों के लिए वर्दी के कपड़ेटेंट और चमड़े के जूतेघोड़े व खज्जर की जीन तथा बहुत सारे अन्य समान बनने लगे।

(iii) नए कारखाने लगाए गए। पुराने कारखाने कई पालियों में चलने लगे। बहुत सारे नए मज़दूरों को काम पर रखा गया और हरेक को पहले से भी ज़्यादा समय तक काम करना पड़ता था। युद्ध के दौरान औद्योगिक उत्पादन तेजी से बढ़ा।

अथवा

विक्टोरिया कालीन ब्रिटेन में उच्च वर्ग के लोग कुलीन और पूंजीपति वर्ग हाथों से बनी चीजों को तरजीह क्यों देते थे?

उत्तर – विक्टोरिया कालीन ब्रिटेन में उच्च वर्ग (कुलीन और पूँजीपति वर्ग) द्वारा हाथ से बनी वस्तुओं को तरजीह देने के मुख्य कारण निम्नलिखित थे: 

1. परिष्कृत और कलात्मकता - हाथ से बनी चीज़ों को परिष्कृत और सुरुचिपूर्ण माना जाता था। मशीनों से बनी चीज़ें एक जैसी होती थीं, जबकि हाथ से बनी वस्तुओं में बारीकी और व्यक्तिगत कला दिखाई देती थी। उच्च वर्ग के लोग अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने के लिए ऐसी चीज़ों को पसंद करते थे जो आम न हों। 

2. विशिष्टता का प्रतीक - मशीन से बनी वस्तुएं "आम जनता" के लिए थीं क्योंकि वे बड़े पैमाने पर उत्पादन के कारण सस्ती और एक जैसी होती थीं। इसके विपरीत, हस्तनिर्मित वस्तुएं अनूठी होती थीं। उन्हें रखना अपनी अमीरी और ऊँचे सामाजिक दर्जे को प्रदर्शित करने का एक तरीका था। 

3. बेहतर फिनिश और गुणवत्ता - मशीनी उत्पादन अक्सर मानकीकृत होता था, लेकिन हाथ से बनी वस्तुओं पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता था। उनकी फिनिशिंग मशीनों के मुकाबले कहीं बेहतर होती थी और उन्हें ग्राहक की पसंद के अनुसार सावधानीपूर्वक बनाया जाता था। 

4. मानवीय कौशल का सम्मान - उस समय के उच्च वर्ग का मानना था कि मशीनी उत्पाद "आत्माहीन" होते हैं। वे उन वस्तुओं को अधिक महत्व देते थे जिनमें मानव श्रम और कौशल का उपयोग किया गया हो। हाथ से बनी चीज़ें उनके लिए परंपरा और विरासत का हिस्सा थीं।

5. मशीनीकरण के प्रति दृष्टिकोण - ब्रिटेन में उस समय मानव श्रम की कोई कमी नहीं थी। गरीब और बेरोजगार लोग बहुत कम वेतन पर काम करने को तैयार थे। इसलिए, उद्योगपतियों को महंगी मशीनें लगाने की उतनी जल्दी नहीं थी जितनी अन्य देशों में थी। उच्च वर्ग ने इस प्रचुर श्रम का उपयोग अपने लिए विशेष विलासिता की वस्तुएं बनवाने में किया।

प्र.20- मनरेगा – 2005 के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिये।                                                                3

उत्तर – महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम – 2005 (मनरेगा) संसद द्वारा पारित एक कानून है। इसे काम का अधिकार सुनिश्चित करने का अधिनियम के नाम से भी जाना जाता है। इस अधिनियम के निम्न उद्देश्य हैं -
(i) 100
दिनों की अनिवार्य रोजगार :- इस अधिनियम के अंतर्गत व सभी लोग जो काम करने में सक्षम हैं, तथा जिन्हें काम की आवश्यकता है। उन्हें सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 100 दिनो की रोजगार की गारंटी दी गई है।
(ii)
महिलाओं की प्राथमिकता :- प्रस्तावित रोजगार में कम से कम एक तिहाई रोजगार महिलाओं के लिए आरक्षित किया गय है।
(iii)
बेरोजगारी भत्ता :- यदि सरकार किसी प्रार्थी को 15 दिनों के अंदर रोजगार उपलब्ध नहीं करवाती है। तो उस व्यक्ति को रोजगार के स्थान पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
(iv)
भूमि संबंधी कार्य :- इस अधिनियम में भूमि सुधार से संबंधित कार्य को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए भूमि संरक्षण, जल, संरक्षण, वृक्षारोपण आदि कार्य सम्मिलित किए गए हैं।
(v)
कार्य क्षेत्र :- इस अधिनियम के अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति को 5 KM के अंदर काम उपलब्ध करवाया जाता है।
उपर्युक्त उद्देश्यों को लेकर मनरेगा- 2005 संसद में पारित किया गया था।

अथवा

 भारतीय अर्थव्यवस्था के प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक को उदहारण की सहायता से समझिए।

उत्तर-

 

प्राथमिक क्षेत्रक

द्वितीयक क्षेत्रक

(i) जब हम प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके किसी वस्तु का उत्पादन करते हैं। तो इसे प्राथमिक क्षेत्रक कहते हैं।

जब प्राकृतिक उत्पादों को विनिर्माण प्रणाली द्वारा अन्य रूपों में परिवर्तित किया जाता है तो ऐसी गतिविधियों को द्वितीयक क्षेत्रक कहते हैं।         

(ii) इस क्षेत्रक को कृषि एवं सहायक क्षेत्रक भी कहते हैं।

इस क्षेत्रक को औद्योगिक क्षेत्रक भी कहते हैं।

    (iii) उदाहरण - कृषिखननमत्स्य उत्पादनडेयरी  उत्पादन आदि।

उदाहरण - सोना से आभूषण बनानाकपास से वस्त्र बनानागन्ने से चीनी बनाना आदि। 

 

प्र.21- निम्नलिखित को समझाइये (कोई दो) ।                                                                       4

(अ)सविनय अवज्ञा आन्दोलन                           (ब) बारडोली सत्याग्रह

(स) बागानों में स्वराज                                     (द) चौरी-चौरा घटना

उत्तर –  कोई दो -

सविनय अवज्ञा आंदोलन:

o   शुरुआत: इसकी शुरुआत 12 मार्च, 1930 को गांधीजी की दांडी यात्रा से हुई थी। और 06 अप्रैल 1930 को साबरमती से आरंभ हुई इस यात्रा का समापन दांडी समुद्र तट पर हुआ।

o   मुख्य उद्देश्य: ब्रिटिश सरकार के अन्यायपूर्ण कानूनों (विशेषकर नमक कानून) को शांतिपूर्वक तोड़ना और पूर्ण स्वराज की मांग करना।

o   विशेषता: इसमें लोगों ने न केवल सहयोग करने से मना किया (असहयोग की तरह), बल्कि औपनिवेशिक कानूनों का उल्लंघन भी किया।

·        बारडोली सत्याग्रह :

o   समय और स्थान: यह 1928 में गुजरात के बारडोली तालुका में हुआ एक किसान आंदोलन था।

o   कारण: प्रांतीय सरकार द्वारा किसानों पर लगाए गए लगान (कर) में 22% की वृद्धि के विरोध में यह शुरू हुआ था।

o   नेतृत्व: इसका सफल नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया, जिसके बाद वहां की महिलाओं ने उन्हें 'सरदार' की उपाधि दी।

·        बागानों में स्वराज:

o   अवधारणा: असम के चाय बागान मजदूरों के लिए स्वराज का अर्थ था कि वे उन चारदीवारियों से बाहर निकल सकें जिनमें उन्हें कैद रखा जाता था।

o   इनलैंड इमिग्रेशन एक्ट (1859): इस कानून के तहत मजदूरों को बिना अनुमति बागान छोड़ने की मनाही थी, जो उन्हें शायद ही कभी मिलती थी।

o   प्रतिक्रिया: जब उन्होंने असहयोग आंदोलन के बारे में सुना, तो हजारों मजदूरों ने अधिकारियों की अवहेलना की और अपने घरों की ओर चल दिए, क्योंकि उन्हें लगा कि अब 'गांधी राज' आ रहा है।

·        चौरी-चौरा घटना:

o   तारीख: यह घटना 4 फरवरी, 1922 (कुछ स्रोतों में 5 फरवरी) को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुई थी।

o   विवरण: असहयोग आंदोलन के दौरान एक शांतिपूर्ण जुलूस पर पुलिस ने गोलियां चला दीं, जिससे उग्र होकर भीड़ ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए।

o   परिणाम: इस हिंसक घटना से दुखी होकर महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को तत्काल वापस ले लिया, क्योंकि उनका मानना था कि आंदोलन हिंसक हो रहा है।

अथवा

असहयोग आन्दोलन के किन्हीं चार कारणों की व्याख्या कीजिये ।

उत्तर - असहयोग आंदोलन (1920-1922) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए इस पहले जन-आंदोलन के पीछे कई गंभीर कारण थे, जिन्होंने भारतीयों को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध खड़ा कर दिया। 

असहयोग आंदोलन के मुख्य कारणों की व्याख्या नीचे दी गई है:

1. रॉलेट एक्ट , 1919) - ब्रिटिश सरकार ने 1919 में 'रॉलेट एक्ट' पारित किया, जिसे "काला कानून" कहा गया। इस कानून के तहत सरकार किसी भी भारतीय को बिना मुकदमा चलाए दो साल तक जेल में बंद रख सकती थी। इसने भारतीयों के नागरिक अधिकारों का हनन किया, जिससे देश भर में भारी आक्रोश पैदा हुआ। 

2. जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल, 1919) - रॉलेट एक्ट के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही भीड़ पर जनरल डायर ने अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं। इस नरसंहार में सैकड़ों लोग मारे गए। ब्रिटिश सरकार के इस अमानवीय कृत्य ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया और गांधीजी का अंग्रेजों की "न्यायप्रियता" से विश्वास उठ गया। 

3. खिलाफत आंदोलन - प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने तुर्की के सुल्तान (जिन्हें मुसलमान अपना 'खलीफा' या आध्यात्मिक गुरु मानते थे) के साथ अपमानजनक व्यवहार किया और उनके साम्राज्य को छिन्न-भिन्न कर दिया। इससे भारतीय मुसलमान अंग्रेजों के खिलाफ हो गए। गांधीजी ने हिंदू-मुस्लिम एकता स्थापित करने के लिए खिलाफत आंदोलन का समर्थन किया और इसे असहयोग आंदोलन से जोड़ दिया। 

4. प्रथम विश्व युद्ध के आर्थिक प्रभाव - प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी की थी, जिसकी भरपाई के लिए भारतीयों पर भारी कर (Tax) लगाए गए। युद्ध के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं, जिससे आम जनता, किसानों और मजदूरों का जीवन अत्यंत कष्टकारी हो गया। आर्थिक तंगी ने लोगों को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। 

5. स्वराज की मांग - भारतीयों ने प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजों की मदद इस उम्मीद में की थी कि युद्ध के बाद उन्हें 'स्वराज' (स्वशासन) मिलेगा। लेकिन अंग्रेजों ने 'मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों' के माध्यम से भारतीयों को कोई वास्तविक शक्ति नहीं दी। इससे जनता में निराशा फैली और गांधीजी ने पूर्ण स्वराज के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया। 

निष्कर्ष

इन सभी कारणों के सामूहिक प्रभाव ने गांधीजी को 'असहयोग आंदोलन' शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि ब्रिटिश शासन भारतीयों के सहयोग से ही चल रहा है; यदि भारतीय अपना सहयोग वापस ले लें, तो ब्रिटिश शासन एक साल के भीतर ढह जाएगा। 

प्र.22- दल व्यवस्था क्या है? भारतीय राजनीती में दल व्यवस्था का महत्व स्पष्ट कीजिये ।                     4

उत्तर – दल व्यवस्था किसी देश की राजनीतिक व्यवस्था में सक्रिय राजनीतिक दलों की संख्या, उनकी प्रकृति, और सत्ता के लिए उनके बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा का ढांचा है। यह सरकार के गठन और नीतियां बनाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। मुख्य रूप से तीन प्रकार की दलीय प्रणालियाँ होती हैं: एकदलीय (चीन), द्विदलीय (अमेरिका), और बहुदलीय (भारत)।

भारतीय राजनीती में दल व्यवस्था का महत्व - भारतीय राजनीति में दल व्यवस्था का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह लोकतंत्र के सफल संचालन के लिए अनिवार्य है। राजनीतिक दल न केवल चुनाव लड़ते हैं, बल्कि वे जनता और सरकार के बीच एक सेतु (कड़ी) का कार्य करते हैं, जनमत का निर्माण करते हैं और शासन की नीतियों को दिशा देते हैं। भारत में बहुदलीय व्यवस्था है, जिसमें कई दल अकेले या गठबंधन बनाकर सत्ता में आ सकते हैं। 

भारतीय राजनीति में दल व्यवस्था का महत्व

भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

·        लोकतंत्र का आधार: राजनीतिक दलों के अभाव में लोकतंत्र का सफल संचालन संभव नहीं है। दल ही वह माध्यम हैं जिनसे जनता का बहुमत शासन पर नियंत्रण रखता है।

·        सरकार का गठन और संचालन: चुनाव जीतने वाला दल सरकार बनाता है और नीतियों का क्रियान्वयन करता है। सत्ताधारी दल के सदस्य सरकार की नीतियों का समर्थन करने के लिए बाध्य होते हैं।

·        विपक्ष की भूमिका: जो दल चुनाव हार जाते हैं, वे विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। वे सरकार की गलत नीतियों और विफलताओं की आलोचना करते हैं और जनता की शिकायतों को सरकार तक पहुँचाते हैं।

·        जनमत का निर्माण: दल विभिन्न मुद्दों पर अपनी विचारधारा और नीतियां जनता के सामने रखते हैं। वे लोगों को शिक्षित करते हैं और सार्वजनिक मुद्दों पर एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करते हैं।

·        विकल्प प्रदान करना: राजनीतिक दल मतदाताओं को विभिन्न नीतियों और उम्मीदवारों में से चुनने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे लोकतंत्र की परिभाषा सार्थक होती है।

·        प्रतिनिधित्व और समावेशन: भारत की विविधता को देखते हुए, विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल समाज के अलग-अलग वर्गों, जैसे पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और किसानों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

·        राजनीतिक प्रशिक्षण: दल नए नेताओं की भर्ती और प्रशिक्षण करते हैं। वे अपने सदस्यों को प्रशिक्षित करते हैं ताकि वे समय आने पर राज्य या राष्ट्रीय राजनीति का नेतृत्व कर सकें। 

अथवा

लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के किन्हीं चार कार्यों की व्याख्या कीजिये।

उत्तर – लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के प्रमुख कार्य -

1. चुनाव लड़नाः राजनीतिक दल के उम्मीदवारों का चयन दल के नेता द्वारा अथवा सदस्यों तथा समर्थको द्वारा होता है। प्रत्येक राजनीतिक दल चुनाव जीतना चाहता है ताकि सत्ता प्राप्त कर यह अपनी  नीतियों को क्रियान्वित कर सके।

2. सरकारी नीति को दिशा निर्देशः राजनीतिक दल अपनी अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को मतदाता  के सामने रखते है। जनता इनमें से अपनी पसंद की नीतियों अथवा कार्यक्रमों को चुनती है। इससे को  जनता की पसंद नापसंद के बारे में पता चलता है।

3. कानून निर्माणः राजनीतिक दल कानून निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विधायिका में राजनीतिक दल के सदस्य होते हैं। कोई भी कानून विधायिका में ही तैयार होता है जिसमें राजनीतिक दलों के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

4. सरकार का संचालन तथा नीतियों एवं कार्यक्रमों का संचालनः चुनाव में जिस राजनीतिक दल को सफलता मिलती है वह सरकार का निर्माण करता है तथा अपनी नीतियों एवं कार्यक्रमों को क्रियान्वित करता है।

5. सरकार की आलोचनाः चुनाव में असफल राजनीतिक दल संसद में विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। विपक्ष सरकारी नीतियों के बारे में सरकार की आलोचना करता है।


प्र.23- निम्नलिखित को भारत के मानचित्र में अंकित कीजिए -                                                     4

i.        मार्मागोवा

    ii.       सिंगरौली

    iii.      दिल्ली

    iv.      बालाघाट

 

 अथवा


    i.        मुंबई हाई

    ii.       तूतीकोरिन

    iii.      कोरबा

    iv.      नरोरा

 


 आप सफल हों

शुभकामनायें

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